इंतजाम

दीपक वैष्णव

इंतजाम
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सारांश

किसी के पास बहुत है और कोई पूरी तरह है नंगा , जब मात्र पैसे किसी की मौत क कारण बने तो हम सोचने की जरूरत है की सभ्यता हमें कहा ले आयी है
priya
बहुत सत्य लिखा
मनीष कुमार
बहूत ही पसंद आई रचना, ये हमे बताती है के अपने दर्द का साथी हमसे बढ़कर और कोई नही हो सकता है।
Usha Garg
ओह माय गॉड
Chander Shekhar
हे ईश्वर
Prince Akram
gareebi insan Ki jaan le kar hi chorti hai..
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