छलावा

अरुण गौड़

छलावा
(69)
पाठक संख्या − 1993
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सारांश

राजू ने उसके बारे मे बात शुरू की थी वो बताने लगा की छलावा नाक मे बात करता है, उसके पैर पीछे की तरफ मुड़े हुए होते हैं, उसकी परछाई नही दिखती वो बहुत तेजी से पीछे भागता है और किसी का भी रूप बदल लेता है, और अगर...........
Yash Bhavsar
nice sir
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Ritesh Kushwaha
बढ़िया है ... बचपन में मेरे साथ भी कुछ ऐसा हीं हुआ था।।
Nirmal Gupta
बढ़िया
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Dr. Junaid
very good and intresting story 😂😂😂
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Dalip
जुन महीने में झाड़ी के बेर लगते हैं क्या?अपनी गलती सुधारो. october-Nov. मे होते है.कहीं आप शहरी बाबू तो नही,गाव के होने का दीखावा कर रहे हैं।
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Rehana Bano
very nice story
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Prince Sharma
bohot hi accha
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हमराझ
रोचक
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shilpi khare
bachpan yad aa gaya. Very nice.
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