बिलौटी (सम्पूर्ण )

अनवर सुहैल

बिलौटी (सम्पूर्ण )
(11)
पाठक संख्या − 1283
पढ़िए
लाइब्रेरी में जोड़े
pradeep
heart touching story sir....behtareen...v
Tiwari
hamare yeha ki kahani
Iconoclast
bht khub ek dum haqiqat ki mala piroin hai
r
r
अंत बहुत जल्दी कर दिया, कुछ जमा नहीं
SHIVAM
lambi pr achhi khani
ब्रजेंद्रनाथ
जनाब अनवर सुहैल साहब, कहानी वास्तविकता को अच्छी तरह समेटे हुए रची गई है। कहानी अंततक आते - आते कहीं - न- कहीं अपने उद्देश्य से भटकी हुई सी लगी। आखिर इसके माध्यम से कहना क्या चाहते है? वह अंत तक स्पष्टता से नहीं उभर पाया है।
सारी टिप्पणियाँ देखें
hindi@pratilipi.com
+91 8604623871
सोशल मीडिया पर हमें फॉलो करें।
     

हमारे बारे में
हमारे साथ काम करें
गोपनीयता नीति
सेवा की शर्तें
© 2017 Nasadiya Tech. Pvt. Ltd.