आज शाम है बहुत उदास

अंजू शर्मा

आज शाम है बहुत उदास
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prem
bilkul bakwas aur boring
शिल्पी
बहुत बढिय़ा ...
Abhishek
1984 ki ghatna k is kahani me bahut accha samanjasya baithaya hai aapne...us boode sardar ki vythA kuch lines me hi vyakt kar di aapne...bahut umda..
Samaira
kamal ka likha aapne
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