काश तुम्हे रोक पाती

अभिलाष दत्ता

काश तुम्हे रोक पाती
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सारांश

जिंदगी में इतना आगे बढ़ जाना , की जब बचपन के दोस्त के बारे में जानकारी मिली , तो आंसू थमने का नाम नहीं ले रहा था ।।।।।
रवि
एक पुरुष लेखक द्वारा महिला किरदार की सुंदर अभिव्यक्ति
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Vipin
kuch na kuch hamesha peeche reh hi jata hai, chahe kitna waqt ko muthi mai karne ko koshish kare hum
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