सारांश

प्रस्तुत कथा रामायण की कहानी नहीं है न ये किसी प्रकार की धार्मिकता का आहवाहन करता है. अपितु ये कथा नाटक के पीछे की पेचीदगी व रामलीला को आधार बनाकर मानवीय संवेदनाओ की कहानी गड़ी गयी है. इसका केंद्र बिंदु मानवीय मनोविज्ञान व नारी विमर्श है.
hindi@pratilipi.com
+91 8604623871
सोशल मीडिया पर हमें फॉलो करें।
     

हमारे बारे में
हमारे साथ काम करें
गोपनीयता नीति
सेवा की शर्तें
© 2017 Nasadiya Tech. Pvt. Ltd.