अलमारी की सफाई करते हुए लिली को एक स्क्रैप बुक मिली,ये वो स्क्रैप बुक थी जो उसने और उसके कजिन-भाई नभ ने साथ बैठ कर बनाई थी,नभ लिली की मासी का लड़का हैं,लिली का खुदका कोई सगा भाई नहीं हैं इसीलिए नभ को वो भाई से बढ़ कर मानती थी,अक्सर गर्मियों की छुट्टियों में लिली अपनी मम्मी के साथ नागपुर नभ के घर जाती,उसका पुरा समय नभ के साथ खेलने,घूमने और बात करने में गुजरता.नभ लिली से ३ वर्ष बड़ा था हमउम्र होने के वजह से लिली अपनी हर बातें उससे सांझा करती थी,जब लिली ९ कक्षा में थी और वार्षिक परीक्षाएँ ख़तम होने पर नभ के घर गयी थी तब लिली को एक आईडिया आया और उसने ये नभ को बताया की वो अपनी बचपन की यादो को सहेजने के लिए एक स्क्रैपबुक बनाना चाहती हैं जिसमे उनकी बचपन से लेके आज तक की सारी फोटोज हो...बस फिर दोनों इस काम को अंजाम देने में लग गए,१० दिनों में वो स्क्रैपबुक बनके तैयार थी,अपनी और नभ की एक-एक फोटोज को चिपका कर उसके निचे बहुत खूबसूरत सी पंक्तियां लिखी थी! उसे देख के लिली बहुत खुश हुयी और बाद में दोनों उसे रखने के लिए बहुत लड़े और आखिर में जंग लिली ने जीती उस स्क्रैपबुक को लेकर वो बहुत खुश हुयी और उसे अपने घर आकर अलमारी में रख दिया....लेकिन आज उस बुक को देख कर लिली के चेहरे का भाव बदल गए थे,तब की ख़ुशी अब गुस्से में बदल चुकी थी और न चाहते हुए भी पुराने जख्मो को इस स्क्रैपबुक ने कुरेद दिया! बात ३ साल पुरानी हैं,लिली १२ वी कक्षा में थी तब नभ उसकी मम्मी के साथ लिली के घर भोपाल आया हुआ था,लिली और नभ की नानी भी भोपाल में ही लिली के घर से थोड़े दूरी पर ही रहते थे,चूँकि लिली के एग्जाम ख़तम हो चुके थे तो ने लिली को नानी के घर चलने को कहा क्योंकि नभ की मम्मी भी वही रुकी थी तो लिली भी नभ के साथ नानी के यहां चली गयी! देर रात तक लिली और नभ आपस में स्कूल,कॉलेज और यहाँ-वहाँ की बातें करते रहे और फिर सो गए!!! रात में अचानक लिली को अपने शरीर पर किसी का स्पर्श महसुस हुआ,उसने महसुस किया की किसी की उँगलिया उसके शरीर में यहाँ से वहाँ फिर रही हैं वो डर के उठी और देखा ये नभ था लेकिन उसकी आँखे बंद थी तो लिली को लगा शायद नभ नींद में हैं इसीलिए नभ के हाथ को हटा के वो सो गयी..अगली सुबह वो नभ से रात की बात करना चाह रही थी लेकिन बात ध्यान से निकल गई,कुछ राते तो सामान्य गुजरी लेकिन अगली रात उसे वही स्पर्श महसुस हुआ लेकिन इस बार नभ का हाथ उसके उभारों पर था लिली ने गुस्से में नभ का हाथ झटक दिया नभ भी हड़बड़ा कर उठा और लिली से बोला-लिली क्या हुआ? नभ तुम क्या कर रहे थे अभी? लिली ने पूछा!

मैं सो रहा था और क्या?नभ ने कहा!

तब लिली को लगा के शायद ये नींद में नभ के साथ होजाता हैं इसीलिए वो बिना कुछ बोले सो गई!!!

लेकिन अक्सर अब ऐसा लिली के साथ होने लगा अब तो नभ दिन में भी लिली के प्राइवेट पार्ट्स को छुने की कोशिश करता लेकिन लिली कुछ समझ नहीं पा रहीं थी और एक दिन तो हद ही हो गयी जब नभ ने लिली से कहा-लिली तुझे ब्लू-फिल्म्स के बारे में कुछ पता हैं क्या? और लिली ने मासूमियत से जवाब दिया हाँ उसमे अक्षय कुमार और लारा दत्ता हैं तूने नहीं देखि क्या? तब नभ बोला-हाँ देखी हैं उस वक़्त तो लिली नभ की बातों को नहीं समझ पाई लेकिन आज वो उसकी बातों को बखूबी समझती हैं!! अगले दिन नभ वापिस जा रहा था रोज-रोज की हरकतों को देखते हुए आज लिली नानी के पास सोई लेकिन आज रात भी वही सब हुआ जो पिछली रातों से होता आरहा था उसने देखा नभ भी वही पर सोया हुआ हैं और बेहताशा ख़ुशी और संतोष उसके चेहरे पर था अब लिली को नभ के इरादे समझते देर नहीं लगी और उसने नानी को उठाने की कोशिश की लेकिन नभ ने उसका हाथ पकड़ के उसे बरामदे में चलने को कहा,लिली जाना नहीं चाहती थी लेकिन फिर भी वो उसके साथ गई!

तब नभ बोला-लिली मैं तुम्हे बहुत दिनों से एक बात बताना चाह रहा हूँ ये जो रात में हमारे बीच होरहा है वो मेरा प्यार हैं तुम्हारे लिए,दरअसल मैं तुमसे प्यार करता हूँ और ये आज से नहीं काफी समय पहले से हैं,मेरा तुम्हारी तरफ झुकाव हैं तब लिली ने गुस्से में कहा-तुम पागल तो नहीं हो गए हो नभ?हमारा रिश्ता भाई-बहन का हैं और तुम ये कैसी बेतुकी बातें कर रहें हो? तब नभ ने कहा-बात को समझो क्या तुम्हे मेरी कंपनी पसंद नहीं?क्या तुम्हे मेरा साथ पसंद नहीं और अभी तो उम्र है हमारी इंजॉय करने की! इतना सब इस उम्र में चलता है वो मेरा रूममेट हैं न पुष्कर उसका भी उसकी बुआ की लड़की के साथ सेक्सुअल रिलेशन हैं वो तो हमारे रूम पर भी आती हैं क्योंकि वो वही पुणे में ही तो रहती है लेकिन तू तो इतना दूर नहीं आ सकती इसीलिए हमे जो थोड़ा बहुत समय मिलता है हमे उसे जीना सीखना चाहिए और कौनसा हम सगे भाई-बहन हैं लिली? इसे प्यार कहते हैं पगली....नभ के मुँह से ये बाते सुनकर लिली कॊ बहुत दुःख हुआ और वो बिना कुछ बोले वहा से चली गयी!! अगली सुबह जब नभ जाने के लिए तैयार हो रहा तब लिली वहा आयी और उसके पास एक चिट्ठी रखकर चली गयी! नभ ने उसे पुकारा लेकिन लिली बिना जवाब दिए वहा से चली गयीं..... तब नभ ने चिठी खोली और पढ़ना शुरू किया-नभ मेरे दिल में तेरे लिए एक भाई की भावनाएँ थी लेकिन तूने ये लस्ट नाम की दरार हमारे बीच खीच दी,हाँ लस्ट यही नाम देना चाहूंगी मैं इस गन्दी सोच को,तूने भाई-बहन के पवित्र रिश्ते को भी कलंकित करने की कोशिश की! मैं घर में चाहूँ तो सब बता देती लेकिन सब तुझे बहुत अच्छा और होनहार समझते हैं और मैं ये सब बता कर मम्मी, मासी,नानी,मामा- मामी और हर्षा दीदी(नभ की बड़ी बहन) का दिल नहीं तोडना चाहती लेकिन आज के बाद तेरा और मेरा कोईं रिश्ता नहीं नफरत करती हूँ मैं तुझसे,भगवान से प्रार्थना करुँगी के वो तुझे सही राह दिखाए और आखिरी बात लस्ट को कभी लव जैसी ट्रू फीलिंग का नाम मत देना! "लव और लस्ट"में फ़र्क़ करना जान ले!कोशिस करूँगी के अपने दिल से तेरी से सारी याद मिटा सकूँ! तेरी सो कॉल्ड बहन लिली........

नभ ने लैटर को तुरंत फाड़ दिया और बस में जाकर बैठ गया लिली नभ को जाते हुए देख रही साथ ही अंदर ही अंदर रो रही थी-उसका गुरुर टूट गया जिसे वो भाई से बढ़कर चाहती थी उसने इतना बड़ा धोखा उसके साथ किया! पर वो खुश थी के समय रहते उसे नभ की सच्चाई पता चल गयी,आज ३ साल बाद इस स्क्रैप बुक को देख के लिली की पुरानी यादेँ फिर ज़िंदा हो गयी जिसे उसने अपने दिल- दिमाग से हटा दिया था तब ही उसने निर्णय लिया और वो तुरंत किचन में गयी वहा से माचिस लेकर लिली ने उस स्क्रैपबुक को जला दिया! उस आग के साथ जल रही थी वो सारी यादें और धुंए के साथ उड़ रहा था नभ की यादों का वजूद..........!!

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