ब्रह्मप्रेतों का अति खौफनाक कृत्य

प्रभाकर पांडेय

ब्रह्मप्रेतों का अति खौफनाक कृत्य
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सारांश

कुछ अपने आपको ज्ञानी-विज्ञानी मानने वाले कहते हैं कि भूत-प्रेत, चुड़ैल, डाकिनी, जिन्न आदि बस कहानियों में ही अच्छे लगते हैं, इनका कोई अस्तित्व नहीं। पर मेरा मानना है कि पृथ्वी पर अनेकानेक रूपों में अनेक जीव पाए जाते हैं, कुछ ऐसे भी जिन्हें विज्ञान एककोशीय, अकोशीय, जीवाणु, विषाणु आदि संज्ञाओं से विभूषित करता है। कुछ सूक्ष्म जीवों को नंगी आँखों से देखा ही नहीं जा सकता, इन्हें देखने के लिए सूक्ष्मदर्शी आदि की आवश्यकता होती है। साथ ही बहुत सारे रहस्यमय जीवों से भी यह दुनिया भरी पड़ी है। जैसे कुछ जीव नंगी आँख से दिखाई नहीं देते वैसे ही कुछ ऐसी आत्माएँ भी होती हैं जिन्हें नंगी आँखों से तब तक नहीं देखा जा सकता, जब तक वह आत्मा खुद न चाहे या आपमें सूक्ष्मदर्शी जैसी कोई शक्ति न हो, आत्मबल न हो, किसी विशेष देव-देवी की कृपा न हो। हाँ पर कभी-कभी ये प्रकट न होकर भी अपने अस्तित्व का एहसास करा जाती हैं। हाँ यह भी सत्य है कि बुरी आत्माएँ अधिकतर कमजोर दिल वालों को, गंदे रहने वालों को ही अपना निशाना बनाती हैं तथा साथ ही पूजा-पाठ करने वाले, स्वच्छ रहने वाले, निडर लोगों के पास यह बुरी आत्माएँ जाने से डरती हैं। पर कुछ आत्माएँ ऐसी भी होती हैं जो किसी से भी नहीं डरतीं, कहीं भी बेरोक आती-जाती रहती हैं। इसका कारण यह है कि जैसे कोई निडर व्यक्ति, धर्मपरायण व्यक्ति आदि अकाल काल के गाल में समा जाता है तो जब तक उसकी आत्मा का उद्धार नहीं होता, वह भटकता रहता है पर बेखौफ होकर।
aarti
Bhut Acha h 😊😊😊
Sandhya
Achi story 😊😊
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