साँपों से घिरा मैं ....

गिरीश पंकज

साँपों से घिरा मैं ....
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Anil
behad bematlab ubau or waqt ki barbadi wali kahani
सुनील
आपकी इस प्रतीकात्मक कहानी को पढ़कर ऐसे कई कहानियाँ याद आ गई। शानदार! लिखते रहें
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Alok
आप की हर रचना जाने क्यों आकर्षित करती है। पढ़ता हूँ और खो जाता हूँ। समीक्षा कर सकूं ये हैसियत नही है मेरी।इस बार भी कुछ ऐसा ही अनुभव है भईया प्रणाम...
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