अर्पण कुमार (Arpan Kumar) की कविता 'ईख चबाती लड़की'

अर्पण कुमार

अर्पण कुमार (Arpan Kumar) की कविता 'ईख चबाती लड़की'
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Yojna
अर्पण कुमार की कविताओं में उन लड़कियों को स्थान मिलता है जो वास्तव में समाज के बंधनों सेमुक्ति के गीत गाती हुई सहज भाव  से आगे बढ़तीं हैंउनके लिए हर वक्त कटुता से शुरू जीवन को मिठास में बदलने की चुनौती होती है।अपनी आजादी के लिए निरंतरमीठा व्यवहार ही उसे विषम परिस्थितियों से बाहर निकलने मे सहायक होता है।तमाम बंधन भी उसके लिए प्रेरणा बन जाते हैं।कविता में पगन्ना प्रतीक बना है सुख का।गन्ने की मिठास ओर जीवन की खुशियां विषपान के बिना संभव नहीं।अंत में रचनाकार एक नये विमर्श को जीवन देते हुए से प्रतीत  होते  हैँ।
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