बिलौटी (सम्पूर्ण )

अनवर सुहैल

बिलौटी (सम्पूर्ण )
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SHIVAM
lambi pr achhi khani
ब्रजेंद्रनाथ
जनाब अनवर सुहैल साहब, कहानी वास्तविकता को अच्छी तरह समेटे हुए रची गई है। कहानी अंततक आते - आते कहीं - न- कहीं अपने उद्देश्य से भटकी हुई सी लगी। आखिर इसके माध्यम से कहना क्या चाहते है? वह अंत तक स्पष्टता से नहीं उभर पाया है।
शशांक
अंत बेहतर दे सकते थे।
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