लव एट फर्स्ट साइट

अंश

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Shashank
आपके मुताबिक RSS VHP ये सब धर्म के नाम पर गलत काम करते हैं मैं ब्राह्मण हूं मुझे इसबात पर गर्व हैं मुझें इस बात पर भी गर्व है कार्पोरेट में नौकरी करते हुए भी मैं शाकाहारी और नशे से मुक्त हूं मुझे इस बात पर भी गर्व है मैं अपने सारे रीति रिवाज को मानता हूँ मुझे इस बात पर भी गर्व हैं मैं आस्तिक हू और भगवान में आस्था है
शशांक
अंश जी हार्दिक बधाई,आगे लिखने के लिए.आखिरी बार जब मैंने पढ़ा था तो अंत का एक पेज नहीं था. अनुरोध है की शीघ्र ही पूरा करें.हिंदी को आप जैसे लेखकों की जरूरत है जो युवाओं को वापस हिंदी की ओर खींच सकें जो टूटी फूटी अंग्रेजी की तरफ भाग रहे हैं. आप पूरा करें,मेरी शुभकामनायें हैं, आप मौजूदा हिंदी में लिख रहे युवा हिंदी लेखकों से बहुत बेहतर कनेक्ट कर पाएंगे पाठकों को!- आपका शशांक भारतीय!
Juhi
awsmmmmm whr iz secnd part...😮😮😮
कुंवर मूल सिंह
बेहद ही उम्दा और बेहद ही सुन्दर ढंग से .... परत दर परत कहानी का रोमांच ... यही कहानी अगर एक पुरे नावेल मैं समायी होती तो भी पूरी पढ़कर उठता ....लेखक को इस शानदार कहानी के लिए ह्रदयतल से बधाई ....
Savita
achhi hai poori kb hogi .....
Ilham
Kya story age bhi hai
animesh
शब्द नही है तारीफ करने को आपकी इस रचना की
Monika
Bhut sunder story h per ansh ko khan sahaab miley ki nhi pta Jesse chelega
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